स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
अवचेतन मन का विकसित होता पहलू
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में पुत्री का अर्थ है अवचेतन मन का विकसित होता पहलू। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन पुत्री क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि पुत्री आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
सपने में 'पुत्री' अवचेतन मन के एक विकसित होते पहलू का प्रतीक है। मन की सार्वभौमिक भाषा में स्त्री-रूप अवचेतन, ग्रहणशील मन को दर्शाता है, और संतान उन नए गुणों या समझ को जो अभी आप में परिपक्व हो रहे हैं। पुत्री, स्त्री-संतान होने के नाते, विशेष रूप से अवचेतन मन के उस पनपते पहलू को दर्शाती है -- कोई नई ग्रहणशीलता, कोई नई अंतर्ज्ञानी क्षमता, या आत्मा का कोई गुण जो अभी बाल्यावस्था में है और पोषण माँगता है। ध्यान दें कि पुत्री स्वस्थ और फलती-फूलती है (यह पहलू भली-भाँति पोषित हो रहा) या संकट में, उपेक्षित और अस्वस्थ (यह नया गुण उपेक्षा का शिकार), और आप उसके साथ कैसे पेश आ रहे हैं। यह सपना आपको पुकारता है कि अपने भीतर पनप रहे इस नए, ग्रहणशील पहलू को पहचानें और पोषित करें -- उसे वही प्रेम और देखभाल दें जो किसी विकसित होती संतान को मिलती है, क्योंकि वह आत्मा का वह नवांकुर है जो परिपक्व होकर आपकी समूची चेतना को समृद्ध करेगा।