स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
सजगता का आरंभ
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में उषाकाल का अर्थ है सजगता का आरंभ। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन उषाकाल क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि उषाकाल आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
सपने में 'उषाकाल' सजगता के आरंभ का प्रतीक है। मन की सार्वभौमिक भाषा में प्रकाश सजगता को और अंधकार अनजानेपन को दर्शाता है। उषाकाल वह संधि-क्षण है जब अंधकार प्रकाश को स्थान देता है -- जब सूर्य की पहली किरणें उसे प्रकाशित करने लगती हैं जो पहले छिपा था, अतः यह जागृति का प्रबल प्रतीक है। आपकी चेतना के भीतर जो पहले अंधकार में था -- अनजाना, अनदेखा, अपरिचित -- वह अब आपकी सजगता के प्रकाश में आ रहा है; यह आपके बारे में कोई नई समझ, कोई स्पष्ट होता जीवन-पाठ, या कोई उदित होता आध्यात्मिक सत्य हो सकता है। ध्यान दें कि उषाकाल सुंदर और आशाभरा है (कोई रोमांचक नई सजगता उभर रही) या धीमा और क्रमिक (समझ समय के साथ बन रही)। यह सपना पुष्टि करता है कि आप जाग रहे हैं -- केवल शारीरिक नहीं, अपितु आध्यात्मिक और मानसिक रूप से भी। नई सजगता के प्रति ग्रहणशील रहें और जाग्रत जीवन में सतह पर आती अंतर्दृष्टियों पर ध्यान दें -- वे एक नई समझ का पहला प्रकाश हैं।