स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
आत्म-मूल्य
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में डाइम (सिक्का) का अर्थ है आत्म-मूल्य। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन डाइम (सिक्का) क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि डाइम (सिक्का) आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
धन वह माध्यम है जिसके द्वारा हम मूल्य को प्रकट करते हैं। दुकान पर किसी वस्तु का दाम देखते ही हम जाने-अनजाने यह निर्णय कर बैठते हैं कि वह महँगी है, सस्ती है, या उचित है। यह निर्णय इस बात से जन्म लेता है कि उस वस्तु या सेवा को हम भीतर कितना मूल्य देते हैं। धन उसी मूल्य को आँकने वाला ऊर्जा-प्रवाह है — देने और पाने का आदान-प्रदान।
क्योंकि स्वप्न का प्रत्येक तत्व स्वप्नदर्शी का ही अंश है, धन उस मूल्य का दर्पण बन जाता है जिसे व्यक्ति अपने भीतर पहचानता है अथवा अनदेखा कर देता है। यदि स्वप्न में धन आपकी ओर बहता दिखे, तो यह संकेत है कि आप अपने आत्म-मूल्य को सहेज और बढ़ा रहे हैं; और यदि वह हाथ से फिसलता या छीना जाता दिखे, तो यह उस स्थान की ओर इशारा है जहाँ आप जाग्रत जीवन में स्वयं को कम आँक रहे हैं।
इसलिए जब भी धन का प्रवाह दिखे — स्वप्न में या जीवन में — सजगता से देखें कि वह भीतर आ रहा है या बाहर जा रहा है। यह प्रवाह आपके अपने आत्म-गौरव की दिशा का जीवंत आईना है।