स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
किसी विचार का फलित होना
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में फूल का अर्थ है किसी विचार का फलित होना। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन फूल क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि फूल आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'फूल' किसी विचार के फलित होने का प्रतीक है। मन की सार्वभौमिक भाषा में पौधे अवचेतन विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। फूल पौधे के विकास-चक्र की चरम परिणति है -- वह उस सब का अंतिम, सुंदर प्रकटीकरण है जिसकी ओर पौधा निरंतर बढ़ता रहा है। ठीक इसी प्रकार आपके स्वप्न में फूल उस विचार का प्रतीक है जो अपनी पूर्णतम अभिव्यक्ति तक पहुँच चुका है। वह विकास के सभी चरणों से होकर गुज़रा है और अब खिल उठा है। फूल के प्रकार और दशा पर ध्यान दें। क्या वह जीवंत और सुंदर है? क्या वह मुरझा रहा है, यह संकेत देता हुआ कि कोई विचार अपने चरम पर पहुँचकर अब क्षीण हो रहा है? क्या वह अभी न खिली कली है, यह सुझाता हुआ कि कोई विचार फलित होने के निकट तो है पर पूरी तरह खिला नहीं? जब स्वप्न में फूल प्रकट होता है, तो वह आपके मन के भीतर किसी सृजनात्मक चक्र के सफल समापन को प्रतिबिंबित करता है। एक बीज-विचार आपके अवचेतन में रोपा गया, उसे ध्यान और भावना से सींचा गया, और अब वह किसी सुंदर रूप में खिल उठा है। एक क्षण रुककर अपने आंतरिक श्रम के इस फल की सराहना कीजिए। फिर नए बीज बोने के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि सृजन का यह चक्र कभी समाप्त नहीं होता।