स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
जीवन-शक्ति ऊर्जा का स्रोत
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में फव्वारा का अर्थ है जीवन-शक्ति ऊर्जा का स्रोत। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन फव्वारा क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि फव्वारा आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'फव्वारा' जीवन-शक्ति ऊर्जा के स्रोत का प्रतीक है। मन की सार्वभौमिक भाषा में जल चेतन जीवन-अनुभवों का प्रतिनिधित्व करता है, और फव्वारे में जल किसी गहरे स्रोत से ऊपर की ओर उठता और सतत प्रवाहित होता है। यह उस सजीव, नवीकृत होती ऊर्जा का प्रतीक है जो आपके भीतर से निरंतर उमड़ती रहती है -- वह जीवन-शक्ति जो आपके अस्तित्व को सींचती और सजीव बनाए रखती है। साधारण ठहरे हुए जल के विपरीत, फव्वारे का जल गतिशील, ऊर्ध्वगामी और जीवंत होता है, जो प्राण-शक्ति के सतत उत्स को दर्शाता है। फव्वारे की दशा पर ध्यान दें। क्या वह प्रचुर मात्रा में स्वच्छ जल को ऊपर उछाल रहा है, यह दर्शाता हुआ कि आपके भीतर जीवन-शक्ति प्रबल और मुक्त रूप से प्रवाहित हो रही है? क्या उसका प्रवाह क्षीण या रुका हुआ है, यह संकेत देता हुआ कि आपकी ऊर्जा अवरुद्ध है? क्या जल स्वच्छ है या मलिन? जब स्वप्न में फव्वारा प्रकट होता है, तो वह आपको उस अक्षय आंतरिक स्रोत की स्मृति दिलाता है जहाँ से आपकी प्राण-ऊर्जा उपजती है। यदि उसका प्रवाह मंद पड़ गया है, तो विश्राम, ध्यान और सजग जीवन-शैली के द्वारा अपने भीतर के इस स्रोत को पुनः खोलिए। जीवन-शक्ति का यह झरना सदा आपके भीतर है -- आवश्यकता केवल उसे स्वतंत्र रूप से बहने देने की है।