स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
अवचेतन मन के भीतर निहित मूल्य
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में स्वर्ण का अर्थ है अवचेतन मन के भीतर निहित मूल्य। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन स्वर्ण क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि स्वर्ण आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'स्वर्ण' आपके अवचेतन मन के भीतर निहित अपार मूल्य का प्रतीक है। स्वर्ण न मलिन होता है, न जंग खाता है, और हर सभ्यता ने इसका मूल्य आँका है। मन की सार्वभौमिक भाषा में यह आपके अवचेतन मन में संचित समझ के स्थायी, अविनाशी मूल्य को दर्शाता है। आपका अवचेतन मन प्रज्ञा का भंडार है -- इसमें वह प्रत्येक समझ निहित है जिसे आपने अपने समस्त जीवनकालों में अर्जित किया है। ये समझें स्वर्ण के समान स्थायी और अमूल्य हैं; यही आपका सच्चा धन है। जब स्वर्ण प्रकट होता है, तो यह आपको पुकारता है कि आप अपने भीतर के इस अविश्वसनीय मूल्य को पहचानें। आप जितना जानते हैं उससे कहीं अधिक समृद्ध हैं। अपने जीवन के पाठ सीखकर और अपनी आध्यात्मिक साधनाओं का अभ्यास करके इस आंतरिक स्वर्ण को और अधिक संचित करने में निवेश कीजिए।