स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
मानसिक आदत
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में कंगारू का अर्थ है मानसिक आदत। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन कंगारू क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि कंगारू आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
कंगारू का प्रतीक आपको अपनी आदतन सोच की एक विशिष्ट प्रकृति की ओर ध्यान देने के लिए बुलाता है — वह प्रवृत्ति जो छलाँगों में आगे बढ़ती है, क्रमिक और स्थिर रूप में नहीं। मन की भाषा में सभी पशु आदतन विचारों का प्रतीक हैं — वे स्वचालित विचार जो बिना आपकी अनुमति के मन में आते हैं। कंगारू का उछलना यह दर्शाता है कि आपकी कुछ विचार-प्रक्रियाएँ अधीर हैं, एक विषय से दूसरे पर कूदती हैं, और कभी-कभी ठोस आधार बनाने से पहले ही आगे बढ़ जाती हैं। पूछिए: क्या मैं चरणों को छोड़कर परिणाम की ओर कूद रहा/रही हूँ? कंगारू की थैली एक और गहरा संदेश देती है — आपके भीतर कोई विकसित होता हुआ विचार या गुण है जिसे आप पोषित और सुरक्षित रख रहे हैं, जब तक वह स्वतंत्र रूप से खड़ा होने योग्य न बन जाए। यह स्वप्न आपको आमंत्रित करता है कि आप इस आदत के प्रति सचेत बनें: कहीं आपकी छलाँगें आपको आगे तो धकेल रही हैं पर अस्थिरता भी ला रही हैं? अथवा यही गुण आपको शीघ्र प्रगति का वरदान दे रहा है? आदत को पहचानना ही उसे रूपांतरित करने की पहली कुंजी है — जिस क्षण आप एक स्वचालित प्रवृत्ति के प्रति जागरूक होते हैं, वह आपकी सचेत दिशा के अधीन आ जाती है।