स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
संकल्प-शक्ति का क्षरण
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में मदिरा का अर्थ है संकल्प-शक्ति का क्षरण। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन मदिरा क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि मदिरा आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
संकल्प-शक्ति चेतन मन की वह महान शक्ति है जिसके द्वारा आप एक विचार चुनते हैं और उस पर तब तक टिके रहते हैं जब तक वह भौतिक रूप में प्रकट न हो जाए। मदिरा का प्रतीक आपको चेतावनी देता है कि कोई वस्तु इस शक्ति को भीतर से घोल रही है। मादक पदार्थ सिर्फ़ इच्छाशक्ति को क्षीण ही नहीं करते, वे चेतन मन और अवचेतन मन के बीच के सम्बन्ध को भी धुंधला कर देते हैं, जिससे आपके विचारों की प्रकट होने की शक्ति घट जाती है। पूछिए: मेरे जीवन में वह कौन-सी आदत या प्रलोभन है जो मुझे बार-बार मेरे संकल्प से डिगा देता है? यह केवल पेय-पदार्थ नहीं — यह विलम्ब, बहाने, व्याकुलता, या कोई भी ऐसी प्रवृत्ति हो सकती है जो आपको 'जो आप करना चाहते हैं' से 'जो सहज लगता है' की ओर खींच ले जाती है। एकाग्रता का अभ्यास इस शक्ति को पुनः लौटाने का सबसे सीधा मार्ग है। जैसे-जैसे आप अपने मन को एक बिंदु पर स्थिर रखना सीखते हैं, आपकी संकल्प-शक्ति लोहे-सी दृढ़ होती जाती है, और तब कोई भी प्रभाव उसे आसानी से नहीं तोड़ पाता।