स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
चुनौती
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में पर्वत का अर्थ है चुनौती। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन पर्वत क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि पर्वत आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'पर्वत' एक बड़ी चुनौती को दर्शाता है। पहाड़ी के विपरीत, जो एक छोटी बाधा को दर्शाती है, पर्वत एक प्रमुख चुनौती है जिसे पार करने के लिए पर्याप्त परिश्रम, सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। पर्वत भव्य, खड़ी ढलानों वाले होते हैं और उन पर चढ़ने के लिए आपकी समूची सामर्थ्य माँगते हैं। ध्यान दीजिए कि पर्वत के संबंध में आप कहाँ हैं। क्या आप तलहटी में खड़े हैं, सम्मुख आने वाली चुनौती को ऊपर की ओर निहारते हुए? क्या आप चढ़ रहे हैं, सक्रिय रूप से उससे जूझते हुए? क्या आप शिखर पर हैं, चुनौती को विजित कर चुके हुए? हर स्थिति आपको बताती है कि आप प्रक्रिया में कहाँ हैं। जब स्वप्न में पर्वत प्रकट होता है, तो वह आपके जीवन की एक बड़ी चुनौती को दर्शाता है। उससे पीछे मत हटिए। पर्वत चढ़ने के लिए ही होते हैं। आप जो भी शिखर छूते हैं, वह आपके इच्छाशक्ति को सुदृढ़ करता है और आपकी जागरूकता को विस्तृत करता है। शिखर से दिखने वाला दृश्य उन संभावनाओं को प्रकट करता है जिन्हें आप नीचे से कभी नहीं देख सकते थे। पर्वत का सामना कीजिए। उस पर चढ़िए। और जब शिखर पर पहुँचें, तो जान लीजिए कि उस ऊँचाई की हर इंच आपने अर्जित की है।