स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
मानसिक आदत
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में गिलहरी का अर्थ है मानसिक आदत। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन गिलहरी क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि गिलहरी आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'गिलहरी' एक मानसिक आदत का प्रतीक है। गिलहरी के गुणों पर विचार कीजिए: फुर्तीली, चंचल, निरंतर बटोरने और संचय करने वाली, सहज ही ध्यान-भंग होने वाली और सदा व्यस्त। यह एक ऐसी अभ्यस्त विचार-शैली को दर्शाती है जो बेचैन ऊर्जा, निरंतर संग्रह और किसी एक वस्तु पर टिके रहने की कठिनाई से युक्त है। गिलहरी इकट्ठा करती और जमा करती है -- वह अपनी आवश्यकता से कहीं अधिक बटोरती है और उसे कई अलग-अलग स्थानों पर छिपा देती है, और अक्सर भूल जाती है कि उसने क्या कहाँ रखा था। यह ज्ञान, विचारों या संसाधनों को बाध्यतापूर्वक बटोरते रहने की उस अभ्यस्त प्रवृत्ति को दर्शाता है, जबकि जो पहले से संचित है उसका कभी पूरा उपयोग नहीं किया जाता। जब स्वप्न में गिलहरी प्रकट होती है, तो अपने बटोरने और ध्यान-भंग होने के अभ्यस्त ढर्रों की जाँच कीजिए। क्या आप जितना लागू करते हैं उससे अधिक संग्रह कर रहे हैं? क्या आप गहराई में उतरे बिना एक से दूसरी वस्तु पर कूदते जा रहे हैं? धीमे हो जाइए। एकाग्र हो जाइए। और अधिक बटोरने से पहले जो पहले से संचित है उसे पूरी तरह लागू कीजिए। तभी संचित ज्ञान सच्चे मूल्य में बदलता है।