स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
आत्म-रूपांतरण
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में कलश का अर्थ है आत्म-रूपांतरण। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन कलश क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि कलश आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'कलश' आत्म-रूपांतरण को दर्शाता है। कलश वह पात्र है जो अग्नि द्वारा भस्म की गई वस्तु की राख को धारण करता है। मन की सार्वभौमिक भाषा में अग्नि विस्तार और शुद्धिकरण का प्रतीक है। अतः कलश उस वस्तु के अवशेष को संभालता है जो रूपांतरित हो चुकी है—विकास की प्रक्रिया में जो कुछ जलकर भस्म हो गया, उसका सार। जब स्वप्न में कलश प्रकट होता है, तो वह किसी पूर्ण हो चुके रूपांतरण को दर्शाता है। अग्नि ने अपना कार्य कर लिया है। कलश में जो शेष रह गया है, वही सार है—शुद्धिकरण की प्रक्रिया से जो बच निकला, उसका स्थायी अवशेष। उस रूपांतरण का सम्मान कीजिए। जो जलकर मिट गया उसे स्वीकार कीजिए, और जो शेष रहा उसे उस शुद्ध सार के रूप में पहचानिए जो आप बन रहे हैं।