स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
अंतर्आत्मा से आने वाला दिव्य विचार-रूप
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में दूत (एंजेल) का अर्थ है अंतर्आत्मा से आने वाला दिव्य विचार-रूप। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन दूत (एंजेल) क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि दूत (एंजेल) आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
'दूत' हमारे अतिचेतन मन से आने वाले विचारों का प्रतीक हैं — वह मन जिसे आत्मा प्रयोग में लाती है। ये गहरी आध्यात्मिक चेतना के संदेश हैं जो अंतर्आत्मा से सचेत मन में उतरते हैं।
दूत से मिलना और संवाद करना दर्शाता है कि आपने अपने सचेत मन में इन उच्च विचारों को ग्रहण करने के लिए स्थान बना लिया है; जबकि बाधाएँ दर्शाती हैं कि मन इतना व्यस्त है कि वह इन सूक्ष्म संदेशों को सुन नहीं पाता। अपनी आत्मा से गहरा जुड़ाव बनाने का सर्वोत्तम सेतु श्वास है — शांत, सचेत श्वास के माध्यम से आप उस आंतरिक आवाज़ के लिए स्थान बनाते हैं जो सदा आपका मार्गदर्शन करना चाहती है।