स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
जीवन-शक्ति ऊर्जा का बाह्य स्रोत
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में श्वास का अर्थ है जीवन-शक्ति ऊर्जा का बाह्य स्रोत। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन श्वास क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि श्वास आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'श्वास' जीवन-शक्ति ऊर्जा के बाह्य स्रोत का प्रतीक है। जहाँ रक्त जीवन-शक्ति ऊर्जा के आंतरिक स्रोत को दर्शाता है, वहीं श्वास बाह्य स्रोत है — यह वह माध्यम है जिससे हम जीवन-शक्ति ऊर्जा को बाहर से अपने भीतर लाते हैं। 'स्पिरिट' शब्द लैटिन शब्द
spiritus और ग्रीक शब्द spirare से आया है, जिन दोनों का अर्थ है श्वास। यही 'इंस्पिरेशन' (प्रेरणा) शब्द की जड़ में है। आपकी हर साँस प्राण — जीवन-शक्ति ऊर्जा — को आपके भीतर लाती है। यही कारण है कि लगभग सभी ध्यान-अभ्यास श्वास से ही आरंभ होते हैं। श्वास आत्मा को शरीर से बाँधती है और चेतन मन को अधिचेतन मन से जोड़ती है। जब श्वास आपके स्वप्न में प्रकट हो, तो यह आपकी आत्मा से जुड़ाव और आपको धारण करने वाली जीवन-शक्ति ऊर्जा को उजागर कर रही है। क्या स्वप्न में श्वास सहज और गहरी है, जो आत्मा से प्रबल जुड़ाव और जीवन-शक्ति ऊर्जा की प्रचुरता को दर्शाती है? या वह उथली और कठिन है, जो क्षीण जुड़ाव और रिक्त ऊर्जा की ओर इशारा करती है? जब श्वास आपके स्वप्न में आए, तो यह आपको पुकार है कि आप अपने सचेत श्वास-अभ्यास को गहरा करें। प्रतिदिन कुछ समय सोद्देश्य श्वास-कर्म के लिए निकालें। यही अपनी आत्मा से जुड़ने और अपनी जीवन-शक्ति ऊर्जा को पुनः भरने का सबसे सीधा मार्ग है। स्मरण रखें, अधिचेतन मन का कर्तव्य है आपके ब्लूप्रिंट को पूर्ण करने के लिए जीवन-शक्ति ऊर्जा की आपूर्ति करना — और श्वास ही वह द्वार है जिससे आप उस तक पहुँचते हैं।