स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
आत्म-छवि
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में शरीर का अर्थ है आत्म-छवि। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन शरीर क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि शरीर आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'शरीर' आपकी आत्म-छवि का प्रतिनिधित्व करता है -- वह तरीका जिससे आप स्वयं को देखते और समझते हैं। मन की सार्वभौमिक भाषा में, भौतिक शरीर वह वाहन है जिसके माध्यम से आपकी चेतना इस भौतिक संसार में अनुभव करती और कर्म करती है। आपका शरीर स्वप्न में जिस दशा में प्रकट होता है, वह सीधे तौर पर दर्शाता है कि आप अपने बारे में, अपने मूल्य और अपनी पहचान के बारे में कैसा अनुभव करते हैं। क्या शरीर स्वस्थ, सबल और जीवंत है? यह एक मजबूत और स्वस्थ आत्म-छवि को दर्शाता है। क्या शरीर रुग्ण, घायल या कमजोर है? यह संकेत देता है कि आप स्वयं को किस दृष्टि से देखते हैं, उस पर ध्यान देने की आवश्यकता है -- शायद आत्म-आलोचना, संदेह, या अयोग्यता की भावनाओं ने आपकी आत्म-छवि को क्षति पहुँचाई है। शरीर के किसी विशेष अंग पर भी ध्यान दें, क्योंकि हर अंग चेतना के एक विशेष पहलू को दर्शाता है। जब शरीर आपके स्वप्न में प्रकट होता है, तो यह आपको इस बात पर चिंतन करने के लिए पुकारता है कि आप वास्तव में स्वयं को कैसे देखते हैं। स्वयं के प्रति एक प्रेमपूर्ण, सम्मानपूर्ण और सच्ची दृष्टि विकसित करें, क्योंकि आपकी आत्म-छवि ही वह आधार है जिस पर आपका संपूर्ण जीवन निर्मित होता है।