स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
स्वयं का अविकसित पहलू
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में बालक (Child) का अर्थ है स्वयं का अविकसित पहलू। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन बालक (Child) क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि बालक (Child) आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'बालक' स्वयं के एक अविकसित पहलू का प्रतीक है। स्वप्न में लोग आपके व्यक्तित्व के भीतर के विभिन्न गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और बालक आपकी चेतना के किसी ऐसे गुण को दर्शाता है जो आपके भीतर मौजूद है पर अभी परिपक्वता तक विकसित नहीं हुआ। शिशु के विपरीत, जो किसी एकदम नए विचार के जन्म का प्रतीक है, बालक कुछ समय से विकसित होने लगा है, पर अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने के लिए उसे अभी भी पर्याप्त ध्यान, मार्गदर्शन और पोषण की आवश्यकता है। यह धैर्य, अनुशासन, उदारता या आत्मविश्वास जैसा कोई गुण हो सकता है जिसे आपने विकसित करना तो आरंभ किया है पर जो अभी परिपक्व नहीं है। बालक की आयु, व्यवहार और लिंग पर ध्यान दीजिए — क्या वह लड़का है (सचेतन मन का विकसित होता पहलू) या लड़की (अवचेतन मन का विकसित होता पहलू)? क्या वह प्रसन्न और फलता-फूलता है, या उपेक्षित और संकट में, जो दर्शाता है कि इस पहलू को अधिक देखभाल चाहिए? जब बालक आपके स्वप्न में दिखाई दे, तो पहचानिए कि आपके भीतर कौन-सा गुण अभी विकसित हो रहा है और उसे इरादे तथा अभ्यास के साथ तब तक पोषित करते रहिए जब तक वह आपके व्यक्तित्व का एक पूर्ण परिपक्व और उत्पादक पहलू न बन जाए।