स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
नकारात्मक विचार-ढर्रा
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में अभिशाप का अर्थ है नकारात्मक विचार-ढर्रा। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन अभिशाप क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि अभिशाप आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
सपने में 'अभिशाप' एक नकारात्मक विचार-ढर्रे का प्रतीक है। अभिशाप कोई बाहरी शक्ति नहीं जो आप पर थोपी गई हो -- मन की सार्वभौमिक भाषा में यह उस नकारात्मक, स्वयं को दोहराने वाले विचार-ढर्रे को दर्शाता है जिसे आपने अनजाने में बार-बार पुष्ट किया है। जैसे अभिशाप दोहराए जाने पर बल पाता है, वैसे ही नकारात्मक विचार हर बार सोचे जाने पर अधिक प्रबल होता जाता है, जब तक वह जीवन की परिस्थितियों को आकार न देने लगे -- यही मन का सृजनात्मक नियम है। ध्यान दें कि अभिशाप किसने दिया और किसे लगा -- क्या वह आप पर लगा है (कोई सीमित करने वाली मान्यता मन पर अधिकार जमाए हुए), या क्या आप उसे तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं (उस ढर्रे से मुक्त होने की इच्छा)? यह सपना आपको पुकारता है कि उस नकारात्मक विचार-ढर्रे को पहचानें जिसे आप अनजाने में पोषित करते रहे हैं। कोई बाहरी शक्ति आप पर अभिशाप नहीं डाल सकती -- केवल आपके अपने दोहराए विचार। और जो आपने रचा है उसे आप ही नए, सकारात्मक विचारों की सजग पुनरावृत्ति से तोड़ सकते हैं।