स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
बोध और जागरूकता
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में आँख का अर्थ है बोध और जागरूकता। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन आँख क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि आँख आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'आँख' बोध और जागरूकता को दर्शाती है। आँख वह इंद्रिय है जिसके माध्यम से हम देखते हैं -- जिसके माध्यम से हम अपने चारों ओर के संसार को ग्रहण करते हैं। मन की सार्वभौमिक भाषा में, आँख केवल भौतिक संसार को ही नहीं, बल्कि आपकी चेतना के भीतरी संसार को भी देखने की आपकी क्षमता को दर्शाती है। यह इस विषय में है कि आप अपने मन की आँख से क्या देख और समझ सकते हैं।
ध्यान दीजिए कि आँख की दशा कैसी है। क्या वह स्वच्छ और खुली है, जो प्रबल बोध और जागरूकता को प्रतिबिंबित करती है? क्या वह धुँधली, अस्पष्ट या क्षतिग्रस्त है, जो बाधित बोध को दर्शाती है -- कुछ ऐसा है जिसे आप स्पष्ट रूप से नहीं देख पा रहे? क्या आप एक ही आँख को देख रहे हैं, जो संभवतः तृतीय नेत्र को दर्शाती है -- भ्रूमध्य चक्र -- जो अंतर्ज्ञान और आंतरिक दृष्टि का केंद्र है? जब आँख आपके स्वप्न में आती है, तो वह आपको अपने बोध का आकलन करने के लिए पुकार रही है। आप अपने जीवन को, स्वयं को और अपने आसपास की परिस्थितियों को कितनी स्पष्टता से देख रहे हैं? क्या आप स्पष्टता से देख रहे हैं, या आपका बोध भय, पूर्वाग्रह या अनुमानों से विकृत हो रहा है? जागरूकता बढ़ाने वाली साधनाओं -- एकाग्रता, ध्यान, स्वप्न-व्याख्या और ईमानदार आत्म-चिंतन -- के द्वारा अपने बोध को तीक्ष्ण कीजिए। आपकी आंतरिक आँख जितनी स्वच्छ होती जाएगी, आप अपनी वास्तविकता के सत्य को उतनी ही सटीकता से ग्रहण करेंगे।