स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
परिवर्तन और रूपांतरण के इर्द-गिर्द घूमती मन की अवस्था
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में अंतिम संस्कार का अर्थ है परिवर्तन और रूपांतरण के इर्द-गिर्द घूमती मन की अवस्था। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन अंतिम संस्कार क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि अंतिम संस्कार आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'अंतिम संस्कार' मन की उस अवस्था का प्रतीक है जो परिवर्तन और रूपांतरण के इर्द-गिर्द घूमती है। मन की सार्वभौमिक भाषा में मृत्यु कभी भी शाब्दिक अंत नहीं होती -- यह सदा रूपांतरण को दर्शाती है। कुछ पुराना समाप्त हो रहा है ताकि कुछ नया जन्म ले सके। आपका अवचेतन मन आपको बता रहा है कि जीवन का एक चक्र पूरा हो चुका है। यह क्षण विदाई का भी है और स्वागत का भी। जिस पुरानी सोच, पुरानी पहचान या पुराने अध्याय को आप थामे हुए थे, अब उसे जाने देने का समय है। इस रूपांतरण से डरिए मत। जो पूर्ण हो चुका है उसके प्रति कृतज्ञता रखिए, और जो नया उदय हो रहा है उसके लिए खुले मन से स्थान बनाइए। हर अंत अपने भीतर एक नए आरंभ का बीज लिए होता है।