स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
नव-विकसित गुण
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में शिशु का अर्थ है नव-विकसित गुण। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन शिशु क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि शिशु आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
नव-विकसित गुण कोमल होते हैं और सहज ही नष्ट हो सकते हैं। मन की सार्वभौमिक भाषा में शिशु आपके भीतर हाल ही में उत्पन्न हुई किसी चेतना, गुण या जागरूकता का प्रतिनिधित्व करता है जो अभी पूर्ण रूप से स्थापित नहीं हुई है। ध्यान दें कि स्वप्न में इस शिशु की स्थिति कैसी है — क्या वह स्वस्थ और सुरक्षित है, या त्यागा हुआ और संकट में? यह आपको बताता है कि आपके भीतर का यह नया अंकुर फल-फूल रहा है या मुरझा रहा है। जब शिशु प्रकट हो, तो स्वयं से पूछें: कौन-सी नई समझ या क्षमता मुझमें अभी-अभी जन्मी है? उसे सजगता से, धैर्यपूर्वक और निरंतर अभ्यास से पोषित करें। हर महान परिवर्तन एक छोटे, कोमल आरंभ से ही फूटता है। इस नए अंश को आत्म-जागरूकता का पोषण दें, और वह आपके आंतरिक विकास की मजबूत नींव बन जाएगा।