स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
मन की एकाकी अवस्था
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में द्वीप का अर्थ है मन की एकाकी अवस्था। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन द्वीप क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि द्वीप आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
एकांत और अलगाव में सूक्ष्म पर महत्वपूर्ण अंतर है। मन की सार्वभौमिक भाषा में द्वीप मन की उस अवस्था को दर्शाता है जहाँ आप शेष संसार से या अपनी ही चेतना के किसी हिस्से से पृथक हो गए हैं। पूछें: क्या यह एकांत मैंने चुना है, या यह अकेलापन मुझ पर थोप दिया गया है? कभी-कभी आत्मा को भीतर लौटने, चिंतन करने और पुनः ऊर्जा संचित करने के लिए एकांत-द्वीप की आवश्यकता होती है — यह उपचारकारी है। पर कभी यह द्वीप उस आत्म-निर्मित दीवार का प्रतीक होता है जो हमें प्रेम, समर्थन और संबंध से काट देती है। इस अंतर को पहचानें। यदि एकांत पोषक है, तो उसका सम्मान करें; यदि वह अलगाव में बदल गया है, तो जल के पार पुल बाँधने का साहस करें। स्मरण रखें — कोई भी चेतना सचमुच पृथक नहीं; जिस जल से आप घिरे हैं, वही आपको समस्त जीवन से जोड़ता भी है। अलगाव की दीवार गिराकर पुनः संपूर्णता की ओर लौटें।