स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
समूची सृष्टि
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में ब्रह्मांड का अर्थ है समूची सृष्टि। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन ब्रह्मांड क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि ब्रह्मांड आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'ब्रह्मांड' समूची सृष्टि का प्रतीक है। ब्रह्मांड उस सब की समग्रता है जो विद्यमान है -- हर तारा, हर आकाशगंगा, हर कण, हर विचार, हर चेतना। मन की सार्वभौमिक भाषा में, ब्रह्मांड सृष्टि की समग्रता को दर्शाता है -- सृष्टिकर्ता की चेतना की अनंत अभिव्यक्ति, जिसकी आप एक व्यक्तिगत किरण हैं। जब ब्रह्मांड आपके स्वप्न में प्रकट होता है, तो वह आपकी जागरूकता को संभव सबसे विशाल चित्र तक विस्तृत कर रहा होता है। आप ब्रह्मांड से अलग नहीं हैं। आप उसी की एक अभिव्यक्ति हैं। जो कुछ भी विद्यमान है -- सबसे दूर की आकाशगंगा से लेकर सबसे छोटे परमाणु तक -- उसी सृष्टि का अंग है जिसके आप हैं। जब यह प्रतीक प्रकट हो, तो उसे अपने दृष्टिकोण को वैयक्तिक से परे विस्तृत करने दीजिए। आप किसी अनंत के अंग हैं। उस बुद्धिमत्ता पर भरोसा रखिए जो ब्रह्मांड को व्यवस्थित करती है -- वह वही बुद्धिमत्ता है जो आपके भीतर वास करती है।