स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
मन की अवस्था
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में बचपन का घर का अर्थ है मन की अवस्था। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन बचपन का घर क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि बचपन का घर आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'बचपन का घर' मन की एक विशेष अवस्था का प्रतीक है। मन की सार्वभौमिक भाषा में घर सदैव मन की अवस्था को दर्शाता है। बचपन का घर वह स्थान है जहाँ आपके आरंभिक विचार-स्वरूप, मान्यताएँ और प्रतिक्रिया के ढंग गढ़े गए थे। अतः जब आपका बचपन का घर स्वप्न में आता है, तो आप मन की उस अवस्था में लौट रहे हैं जो आपके बनने के आरंभिक वर्षों में निर्मित हुई थी — वे आधारभूत मान्यताएँ और दृष्टिकोण जिन्हें आपने बहुत पहले अपनाया और जो अब भी आपके भीतर सक्रिय हो सकते हैं। यह संकेत है कि कोई वर्तमान परिस्थिति आपके भीतर इन्हीं पुराने, सुस्थापित विचार-स्वरूपों को जगा रही है। ध्यान दें कि स्वप्न में घर की दशा कैसी है और आप उसमें कैसा अनुभव करते हैं। क्या वह गर्मजोशी और सुरक्षा से भरा है, जो एक स्थिर और सहारा देने वाली आंतरिक नींव को दर्शाता है? या वह जर्जर, अँधेरा या भयप्रद है, जो ऐसी पुरानी मान्यताओं की ओर इशारा करता है जो अब सेवा नहीं करतीं और जिन्हें रूपांतरित करने की आवश्यकता है? जब स्वप्न में बचपन का घर आता है, तो यह आपको उन आधारभूत विचार-स्वरूपों के प्रति सजग होने को बुलाता है जिन्हें आपने आरंभ में अपनाया था। पहचानें कि इनमें से कौन-से अब भी आपकी वृद्धि में सहायक हैं और किन्हें सचेतन रूप से नए, अधिक परिपक्व विचारों से बदलने की आवश्यकता है।