स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
विमोचन
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में रोना का अर्थ है विमोचन। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन रोना क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि रोना आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
सपने में 'रोना' विमोचन का प्रतीक है। रोना शरीर का स्वाभाविक वाल्व है जिससे एकत्रित भावनात्मक दबाव बाहर निकलता है -- यह दुर्बलता नहीं। जब अव्यक्त भावनाओं का दबाव थामे रखने की सीमा से बढ़ जाता है, तो शरीर वाल्व खोलकर आँसुओं के रूप में उसे बहा देता है। मन की सार्वभौमिक भाषा में यह उस सक्रिय प्रक्रिया को दर्शाता है जिसमें चेतना के भीतर जमा भावनात्मक, मानसिक या आध्यात्मिक दबाव का विमोचन होता है। दबाई गई भावनाएँ लुप्त नहीं होतीं, अपितु अवचेतन में संचित होकर दबाव बनाती रहती हैं; यदि उन्हें सजगता से न निकाला जाए, तो वे रोग, क्रोध, आत्म-तोड़फोड़ या पीड़ादायक ढर्रों की पुनरावृत्ति के रूप में स्वयं को विनाशकारी ढंग से निकाल देती हैं। ध्यान दें -- क्या आँसू दुःख के हैं (शोक का विमोचन), आनंद के (सकारात्मक ऊर्जा का विमोचन), मुक्तिदायक (पूर्ण विमोचन), या अनियंत्रित (दबाव गंभीर स्तर पर)? यह सपना उस विमोचन को दर्शाता है जो हो रहा है या होना आवश्यक है -- उसे होने दें, दबाएँ नहीं। जाग्रत जीवन में स्वयं को महसूस करने की अनुमति दें, विचार-धारा लेखन और श्वास-अभ्यास का प्रयोग करें। दमन समस्या था; रोना ही उपचार है।