स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
आंतरिक सामंजस्य
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में नृत्य का अर्थ है आंतरिक सामंजस्य। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन नृत्य क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि नृत्य आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
सपने में 'नृत्य' आंतरिक सामंजस्य का प्रतीक है। मन की सार्वभौमिक भाषा में संगीत सामंजस्य को दर्शाता है -- स्वयं के विभिन्न अंगों का मिल जाना। नृत्य वह क्रिया है जिसमें भौतिक शरीर संगीत की लय में गति करता है, अतः सपने में नृत्य दर्शाता है कि आपका सजग मन आपके अंतरतम से संरेखण में है। नृत्य के लिए संगीत का प्रतिरोध नहीं, बल्कि उसके साथ बहने की इच्छा चाहिए -- ठीक वैसे ही जब सजग मन अवचेतन की अंतर्ज्ञानी प्रेरणा से लड़ने के बजाय उसके साथ लय में चलता है, तो एक सुंदर, सामंजस्यपूर्ण अनुभव उभरता है। ध्यान दें कि नृत्य कैसा है -- स्वतंत्र और आनंदपूर्ण (गहरी आंतरिक शांति और संरेखण), किसी साथी के साथ (दो पहलुओं के बीच सामंजस्य), या अटपटा और ज़बरदस्ती (प्रयास तो है किंतु अभी लय नहीं मिली)। यह सपना उस आंतरिक सामंजस्य की पुष्टि करता है जिसे आप गढ़ते रहे हैं, या आपको उसे रचने के लिए पुकारता है। सामंजस्य अपने विचारों, भावनाओं, इच्छाओं और कर्मों को एक साझा उद्देश्य की ओर संरेखित करने से आता है -- और जब सभी अंग एक ही ताल पर चलते हैं, तो जीवन एक नृत्य बन जाता है।