स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
जीवन के किसी एक क्षण में अटके रहना
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में जम जाना का अर्थ है जीवन के किसी एक क्षण में अटके रहना। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन जम जाना क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि जम जाना आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'जम जाना' अथवा बर्फ़ बन जाना जीवन के किसी एक क्षण में अटके रहने का प्रतीक है। मन की सार्वभौमिक भाषा में जल चेतन जीवन-अनुभवों का प्रतिनिधित्व करता है, और बहता जल अनुभवों की स्वाभाविक गति को दर्शाता है। जब जल जम जाता है, तो वह अपनी गति खो देता है और एक स्थान पर ठहर जाता है। इस प्रकार जमना उस मानसिक अवस्था का प्रतीक है जहाँ आप जीवन के किसी एक क्षण, किसी एक घटना या अनुभव से इस तरह बँध गए हैं कि आप उससे आगे नहीं बढ़ पा रहे। प्रवाहित होते रहने के स्थान पर आपकी चेतना वहीं अटककर जड़ हो गई है। इस दृश्य के विवरण पर ध्यान दें। क्या आप स्वयं जमे हुए हैं और हिल नहीं पा रहे, यह दर्शाता हुआ कि कोई भय या आसक्ति आपको गतिहीन कर रही है? क्या आपके चारों ओर का संसार जमा हुआ है, यह संकेत देता हुआ कि आप किसी बीते क्षण को बार-बार जी रहे हैं? जब स्वप्न में जमना प्रकट होता है, तो वह बताता है कि आपकी ऊर्जा किसी अतीत के क्षण में बँधी हुई है -- संभवतः किसी पीड़ा, पश्चाताप, या अधूरे अनुभव में। जल को पुनः बहने देने के लिए ऊष्मा की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार आपको अपनी जागरूकता की ऊष्मा को उस अटके हुए क्षण पर लाना होगा -- उसे समझिए, स्वीकार कीजिए, और जाने दीजिए। तभी जीवन का प्रवाह फिर से आरंभ होगा और आप आगे बढ़ सकेंगे।