स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
प्रवेश या रोक का बिंदु
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में द्वार का अर्थ है प्रवेश या रोक का बिंदु। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन द्वार क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि द्वार आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'द्वार' प्रवेश या रोक के एक बिंदु का प्रतीक है। यह एक सीमा पर खड़ा होता है -- दो अवस्थाओं के बीच का संधि-स्थल, जिसमें या तो आगे जाने देने की शक्ति होती है या रोक देने की। मन की सार्वभौमिक भाषा में द्वार उन क्षणों को दर्शाता है जब आप जीवन की एक अवस्था से दूसरी में प्रवेश करने के लिए तैयार खड़े होते हैं। द्वार की दशा पर ध्यान दीजिए -- क्या वह खुला है, जो तत्परता और अवसर का संकेत है, या बंद और ताले में, जो किसी रुकावट का? यह प्रतीक आपको पुकार रहा है कि आप उन संधि-स्थलों को पहचानें जहाँ आप खड़े हैं। कौन-सा नया चरण आपको बुला रहा है? कौन-सी बाधा आपको रोक रही है? द्वार एक निमंत्रण है -- सजगता और संकल्प के साथ उसमें से होकर गुज़रिए।