स्वप्न प्रतीक · मन की सार्वभौमिक भाषा
स्वयं के प्रति समर्पित होना
CHITTA के मन की सार्वभौमिक भाषा के अनुसार, सपने में जीवनसाथी का अर्थ है स्वयं के प्रति समर्पित होना। यह अर्थ हर स्वप्नदर्शी के लिए एक ही रहता है — लेकिन जीवनसाथी क्या कह रहा है, वह नहीं: संदेश इस बात से बनता है कि जीवनसाथी आपके सपने में कहाँ आता है और उसके साथ क्या होता है।
स्वप्न में 'जीवनसाथी' स्वयं के प्रति समर्पण का प्रतीक है। विवाह दो लोगों के बीच का वह औपचारिक मिलन और संकल्प है जिसमें वे जीवन भर साथी के रूप में मिलकर चलने का वचन देते हैं। मन की सार्वभौमिक भाषा में पुरुष चेतन मन का और स्त्री अवचेतन मन का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए जीवनसाथी आपके चेतन और अवचेतन मन के बीच की समर्पित साझेदारी का प्रतीक है। यह आपके पूरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता है। चेतन मन अनुभव रचता है, अवचेतन मन ज्ञान संजोता है। चेतन मन बीज-विचार बोता है, अवचेतन मन उन्हें साकार करता है। जब ये दोनों समर्पित साझेदारी में कार्य करते हैं तब आप एक अजेय सृजनात्मक शक्ति बन जाते हैं। परंतु जब आपके सचेत इरादे आपकी अवचेतन मान्यताओं से टकराते हैं, तब सृजन रुक जाता है। जब आप मुख से कुछ कहते हैं पर भीतर गहराई में कुछ और मानते हैं, तो भीतरी विवाह संकट में है। जब आप अपनी सारी ऊर्जा बाहरी जगत में उँडेलते हुए अपने भीतरी जीवन को उपेक्षित कर देते हैं, तो आपका जीवनसाथी -- आपका अवचेतन मन -- स्वयं को त्यागा हुआ अनुभव करता है। ध्यान दीजिए कि रिश्ता प्रेमपूर्ण है या कलहपूर्ण, उपस्थित है या अनुपस्थित। जब जीवनसाथी स्वप्न में आता है, तो वह आपके सबसे महत्वपूर्ण संकल्प -- स्वयं के प्रति संकल्प -- की गुणवत्ता का दर्पण है। क्या आपके सचेत इरादे और अवचेतन मान्यताएँ एक-दूसरे के अनुरूप हैं? या उपेक्षा, अप्रामाणिकता अथवा असंगति के कारण यह साझेदारी तनावग्रस्त हो गई है? प्रतिदिन अपने आध्यात्मिक अभ्यासों के माध्यम से स्वयं के प्रति पुनः समर्पित हों। इस भीतरी विवाह का पोषण करें। जब आपका चेतन और अवचेतन मन समर्पित साथी की भाँति कार्य करते हैं, तब ऐसा कुछ नहीं जिसे आप रच न सकें।